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सत्यमेव जाते
लेखे एक नजर॰ में
2 0 0 5 तो ० 6
महालेखा नियंत्रक
व्यय विभाग
वित्त मवालय

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लेखे एक नजर. में
2 0 0 5 … 0 6
विषय स्वां
सारिका ००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००० .. 3
विह्माबलोवग्न॰ ००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००० .. 4
महत्वपूर्ण लेखाकरण (नीतियों ०००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००० .. 9
वित्तीय विवरण ०००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००० .. 14
प्राप्तियां ००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००० .. 17
व्यय ०००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००० .. 2 1
ऋण और अन्य देयताएं ००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००० .. 26
विनियोग लेखै ००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००० .. 32
परिशिष्ट अ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------" .. 35
1 : क्स वर्षीय सारशि
2: कांता राजस्वी का विवरण
3: वाणिज्यिक प्राप्तियों का विवरण
4: योजनेतर व्यय का विवरण
तो आर्थिक स्रहत्यत्ताओँ का विवरण
6. भत्रालयो॰॰/बिभार्गों का व्यय
7. 100 क्लोड्र रुपए अथवा इससे अधिक के अनुमान/विनियोग
तो आसक्ति' ऋण की परिपक्वता का ब्योरा

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लेखे एक नजर. में
लेखे एक नजर. में
2005-06
भूमिका
संविधान के अनुच्छेद 150 में "नियंत्रक तथा मह/लेखापरीक्षक के परामर्श पर राष्ट्रपति जिस
रूप में निर्धारित करें" स्का के लेखों का रख-रखाव करने का प्रावधान किया गया है।
लखाँ के स्वरूप और अंशों के निर्धारण संबंधी कार्यकारी शक्तियां कार्य का अमित
नियमावली के अधीन महालेखा नियंत्रक, वित्त म:त्शलय को प्रत्यायोजित को गई हैं। महालेखा
नियंत्रक क्रो संध स्का के विल लेते और विनियोग लेखै (सिविल) तैयार करने का भी
दायित्व सौपा क्या है।
विल लेखों में सिविल मत्रालयोनिट्रै रक्षा, डत्क और रेलवे के लिनिदेनों को शामिल करके संघ
सत्कार के समग्र लेखे शामिल होते हैं। इनमे" भारत को समेक्ति निधि, लोक लेखों, लोक
वाण लखाँ, अन्य देवताओं और लेखों में यथा अभिलिखित परिसम्पत्तियों से होने वली
प्राप्तियों और निर्गमों के लेखों सहित संघ स्का के वार्षिक वित्तीय विवरण शामिल होते
है ।
संविधान के अनुच्छेद 1 14 में निटिर्शरित किया क्या है कि " भारत को स्रमेविस्त निधि से इस
अनुच्छेद के प्रावधानों के अनुसार पारित विधि द्वारा किए गए विनियोग के अधीन राशि को
आकर कोई धनराशि आडस्ति नहीं की जाएगी " । विनियोग लेखै ससद" द्वारा विभिन्न बागों
के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए विनियोगों का स्रस्कजी विभागों द्वारा अनुपालन दर्शाने के लिए
तैयार किए जाते हैं। भूल बाग और अंतिम विनियोग और वास्तविक व्यय के बीच महत्वपूर्ण
अंतर (अधिक तो और वचत होनो) के लिए स्पष्टीक्सा दिया जाता है।
वर्ष 2005-06 के दौरान, 5 विनियोगों और 100 अनुदानों के अंतर्गत संसद द्वारा निधियों
उपलब्ध कराई गईं थीं (नीचे दी गईं उगी के अनुसार) ।
विनियोग शां
दु _ 9:3
रक्षा - 6
डाक - 1
क्या 5 (00
यह दस्तावेज वर्ष 2005-06 के क्ति लेखे और विनियोग लेखे (सिविल) जिनमें स्का
के लेखापरीक्षित वित्तीय विवरण समाविष्ट होते हैं, में दिए गए ब्योरेचार वित्तीय निष्पादन का
सार उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया क्या है।

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लेखे एक नजर में
विहगत्वलोक्ल३
प्राप्ति, व्यय और क्या
वर्ष 2005-2006 के दौरान, ७क्ल प्राप्तियां जिसमें उधार की राशियां शामिल हैं 600508
करोड़ रुपए थीं। स्रक्ल कर प्राप्तियां 364(49 करोड़ रुपए थीं जिनमें से 94585 करोड़
रुपए (25.9/००) राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रो को उनके कर के भाग के रूप में अंतरित का
दिए गए थे। केन्द्र द्वारा रखा गया निवल का राजस्व 270764 करोड़ रुपए था । स्का को
कुल ऋपोत्तर प्राप्तियां (निबल अंतरण) 359, 554 क्लोड़ रुपए थीं।
भारत की समेक्ति निधि से कुल सस्कत्सी व्यय 506 1 23 करोड़ रुपए था । इसमें से, राजस्व
तो 439562 करोड़ रुपए (87/००) और पूँजीगत व्यय 66.62 क्लोड़ रु.( 1303) था । कुल
व्यय में योजना व्यय का भाग 28/०० ( 140138 करोड़ रु. ) था, शेव 729.7365,485 करोड़
र-) योजनेतर व्यय था।
वित्तीय विशेषताएं 2005-2006
(करोड़ रुपए)
विवरण संशोधित वास्तविक वास्तविक हुँ
अनुमान प्रतिवर्ष
2005.6 2005-2006 2004-2005 ८.-
कै- राजस्व प्राप्तियां 3410474 347362 306(3 3 १4०/०
2. कर राजस्व(कैन्द्र को निवल) 274,139 270764 22471 2003,
3: कांता राजस्व 74,335 77198 81715 -5०/०
4. पूँजीगत प्राप्तियां (4(56 (2(6 66.467 …82/००
5. फ्लो' को वसूलियां 11500 10(45 62(43 -83/००
6. अन्य प्राप्तियां 2श356 1,581 4श424 -64/००
7. ह्या प्राप्तियां (3-4 ) 362(30 359(88 372.480 -3/००
8- योज़नेत्तर व्यय 364(44 367485 365790 0/००
9. राजस्व लेखे पर 322142 32.903 292857 1004
10. ब्याज अदायगियां 130(32 13.630 122934 4030
11- पूँजीपात लेखे पर 38572 37582 68(33 -45/००
12. योजना व्यय 34379, (40(38 (32.292 6/००
13. राजस्व लेखे पर 114.153 111(58 87श494 2804
14. पूंजीगत लेखै पर 29(38 28,780 44,798 -36०/०
15- क्व व्यय ( 8+१ 2 ) 508705 5०6१ 23 497.682 203
16. राजस्व व्यय (9113) 440795 439361 384551 1470
17- पूँजीगत व्यय (11.14) 68310 66562 113531 -47/००
18. राजस्व घाटा (16-17 91श821 92799 78538 1870
19. राजबग्रेचीय घाटा [ (5-7 ] १46,१75 (46,435 (25.202 १7/००
20. प्राथमिक घाटा (1.10) 16,143 13(05 -1"32 90504
"'इस दस्तावेज में दर्शाए गए प्राणियों और व्यय के अक्खि, (वित्तीय विवरणों में दिए गए अविधि" क्रो
आकर) बजट दस्तावेजों के अनुसार निवलित किए गए हैँ।

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लेखे एक नजर. में
पिछले दशक के दौरान, स्का का स्रक्ल कर राजस्व 128762 क्लोड्र रूपए [1996.7]
से लगभग तीन गुना दबकर 364(49 करोड़ रु [2005-06 ] हो गया डै। सक्ता घरेलू
उत्पाद के संदर्भ मेँ, वर्ष 2005-06 के दौरान सक्ल कर राजस्व सक्ल घरेलू उत्पाद का
10.21.( था जोकि वर्ष 2002-03 से लगातार बढ़ रहा है। तथापि, कांता राजस्व जोकि वर्ष
200 1 -02 में सक्ल घरेलू उत्पाद के 3 /०० के उच्च स्तर पर था उसमें गिरावट अत्का वर्ष
2005-06 में 1169:, हो क्या है।
400(00 … भारत सरकार को राजस्व प्राप्तियां … 1203
3507000 … 1013
300(00 … ' _
8 . 2 36 3. है १6
… 8.0%
हु 250,000 - …
हूँ 2003700 - - 6.0१6हूँ
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160(00 … _
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' १यु 2, १6 2, १6
1007000 … 2: १6 2, अ, दृ १६ ' ३3 2 96 । आ
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।। - 2004
50,000 … ।' ।' 'गा
- '१ ५ '१ ५ 'पृ ५ ५ ५ ५ ५ ५ ५ 002
96-97 27-98 1849 29-00 00-0 है 0 है (2 02-03 0344 04-05 05-06
मिसाल कर राजस्व [टा कोर राजस्व ८०… स्का घरेलू उत्पाद के १6 के रूप हैं सक्त का राजस्व वृ… सक्त घरेलूउत्पाद के 96 के रूप में कौत्तर राजस्व
राजस्व व्यय में पिछले वर्ष को अपेक्षा वृद्धि हुई है। वर्ष 2005-06 में, यह स्रक्ल घरेलू
उत्पाद का 12.337, था जो कि पिछले वर्ष की खुलना में थ्रोड्रा अधिक था। फूंस्मित" तो
वर्ष 2005-06 में सक्ल घरेलू उत्पाद का 1.869:, था।
भारत सरकार का व्यय
500,000 - - १६००6
450,000 ' 1833 १९१८० क्याम्भ 1322 _ … श्य'ध्या
400,000 … 1243 १2.3१८५ 1273, १2ज्ञा ए ८१6
११ 3३८' - १2.0१6८हु
350,000 - _ गृहँ
- १0.0०/०
हु 300,000 … हूँ
हूँ 250,000 - - 8050 हँ
200 ५ 000 …
_ 6030
100,000 - । ३6
प्न 96 ८ १6 ' ३३ । - 4030
100,000 - ' १८, -2, अ ' 3८' । १
. । (.-13
50,000 … 'पृ ३' जा । । 2090
- '१ ५ ५ ५ ५ ५ ५ ५ ५ ५ ०.०३/०
2697 97-93 18-99 2900 00-04 0 है (2 02-03 03-04 0405 05-06
८! राजस्व व्यय [टा] पूंजीगत' व्यय -०- स्का घरेलू उत्पाद के है; के रूप में सकल का राजस्व मृ- स्का घरेलूक्शा के प्रतिशत के रूप में ल्जीगत' व्यय ।
5

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लेखे एक नजर. में
केन्द्र की निवल प्राप्तियां कुल तो का केवल 7 1 /०० पूस करने के लिए पर्याप्त थीं और इस
प्रकार इसमें 146,569 करोड- रु. का घाटा रहा। वर्ष का राजस्व घाटा 92299 क्लीड़ रुपए
था । प्रारम्भिक घाटा 1 3 805 करोड- रुपए था, यदि ब्याज अदत्यरिल्पों को छोड, दिया जाए ।
अकल घरेलू उत्पाद के संदर्भ में, राजकोषीय घाटा स्का घरेलू उत्पाद का 4. 1 1 /०० और
राजस्व घाटा सक्ल घरेलू उत्पाद का 15970 था।
भारत स्का का घाटा'
643
6.१ १6 …
140,000 -
5.736 5.7% 'क्रे' … 3…०३/० ३१
545 ष १6
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… - 503
भी अ, भी पि" ९. 3८' "हैं
100,000 - ' १६ ' ३६ ' जिम
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मैं . . . . 0004
96-07 37…98 18-99 99-00 00-04 धा …०2 0243 0344 0445 05-06
। [टा] राजकोषीय घाटा [टा] राजस्व घाटा …०… सक्त घरेलूउत्पाद के १6 के रूप में राजकोषीय घाटा …।… सकल घरेलू उत्पाद के ३6 के रूप में राजस्व घाटा ।
घटि के वित्तपोषण के स्रोत
146, 435 करोड़ रुपए के घटि को मुख्य रूप से 1 1 3, 1 92 करोड़ रुपए के अतिरेक ऋण
से क्तियोक्ति किया गया और बाहय वाण 33 365 क्लीड़ रूपए था।
सां' का ह्मा-
(करौड़ रुपए)
विवरण 2005-06 2004-05
अतिरिक वाण 113,192 7703, 162178 13370
बाजार कर्ज 103(4 7070 51(31 4104
खजग्ना विल 27400 1903, 8श523 770
प्रतिपूर्ति और अन्य ब्राड. 6,338 4०/० 18(77 1470
अन्य (.)24,120 (-)]6/०० 88श547 7104
परिक्रामी निधि सहित बाह्य जापानी 33765 2303, 14553 1270
रोक्स्ड॰ अपहरण द्वारा कमी 14761 1003, -72प्र1 -58०/०
लोक लेखा (.)14,383 (-)]0/०० 12612 1304
ज्याज्ज- क्रिचती"हुहु७९ (46.435 क्या (25.202 क्या
:न्दसमें विदेशी विनिमय दरों में परिवर्त्तन होने के कारण बट्टे खात्ते डाले गए 22893 करोड़ रु. शामिल हैं। तदनुसार, बाह्य
त्टिण द्वारा घाटे का वास्तविक क्तिमोषण 7472 कांड, रु. था।

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लेखे एक नजर. में
ऋण और अन्य देयताएं
वर्ष के दौरान, स्का ने 15162,363 करोड़ रुपए के नए ऋण का अनुबंध किया और पुराने
वाण के 1,115710 करोड़ रूपए चुकाए। निवल परिणाम यह हुआ कि लोक वाण में
147,153 करोड़ रुपए की वृद्धि डो गईं। 31:2006 को स्थिति के अनुसार बकाया कुल
ऋण 1,484(01 करोड़ रुपए था । वर्ष 2005-06 के अंत में ब्याज क्ला कुल दायित्व
1,537(51 क्लोड़ रुपए था और बुल देयताएं 1,868,843 करोड़ रुपए थीं।
ज-शयर-ई/पात/यत्रा-यकिन और अन्य बताओं में परिवर्तन
(करोड़ रुपए)
विवरण क्या-अप्रैल-ष्ठ क्या स्का क्या मार्च-06 क्या
जापानी 1,336,848 1762, 363 1,115710 1,484(01 147,153
अल्प बचते, भविष्य निधि आरि" 263(48 291776 27894 272380 12532
विना ब्याज वली अन्य देयताएं 46,787 60(35 51(10 55,812 9(25
ब्याज वली अन्य देयताएं 46703 25,505 18(58 53(50 7श447
उत्ख्याऔरअजियताएं ऋण और अन्य देयताएं (.692-86 क्या (463.222 क्या (75(57
पिछले दस वर्षा' में, लोक ऋण [वर्त्तमान मूल्य पर] जोकि वर्ष 1996-97 में 493,553 करोड़ रुपए था
वह वर्ष 2005-06 में तीन गुना होकर 1,583(57 करोड़ रुपए को क्या। स्रक्ल घरेलू उत्पाद के रूप
में, लोक ऋण [वर्तमान मूल्य पर] जोकि वर्ष 1996-97 में सक्ल यरेलू उत्पाद का 38.6504 था वह
बल्फा वर्ष 2005-06 के अंत में सवल्ल यरेलू उत्पाद का 44.407, को क्या। वर्ष 2005-06 के अंत
में, अंप्रारिक वाण स्रक्ल घरेलू उत्पाद का 38.9604 और बाहय वाण [वर्त्तमान मूल्य पर] स्का घरेलू
उत्पाद का 5.4470 था ।
भारत सरकार का जाया और अन्य देयताएं
2 , 5 00 , ०० 0 60 3१८
2 , 0 00 , जा ०
हैं है (0000
१ (00 , 000
600 000
2697 2790 93७9 994३० 00-04 धा (2 02(3 0304 04-05 05410
[टा] अस्तांरिक ऋण [टा] वाहूय ऋण (वर्तमान मूल्य) [टा] भारत सरकार की अन्य च्चा'
-०- सक्त घरेलूउत्पाद के की के रूप में आतरिक' प्रण--- सक्त घरेलूक्साद के की रूप में बाहय ऋण …)(… सक्त घरेलूउत्पाद के की रूप में लोक प्रण
*ब्राह्य वाण (94(3 करोड़ रपएधिप्रासिक मल्य पर लिया क्या है। यदि यह वर्तमान क्वा ( 1 94, 198 करोड़ रूपए)
पर लिया जाता तो 3 1 मार्च, 2006 की स्थिति के अनुसार लोक वाण की राशि 1,583,957 क्लीड़ रूपए होती।
:.1.006 की स्थिति के अनुसार अल्प उक्ति: भविष्य निधि आदि से संबंधित र्कद्र' सत्कार की कुल देयता
666682 क्लोड़ रुपए है। इसमें से, 391502 करोड़ रुपए का राज्य स्का की विशेष प्रतिभूतियों में निवेश किया गया
है और इस प्रकार इस लेखे में 275,380 करोड़ रुपए की निवल बकाया देयता रह गई है।

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लेखे एक नजर में
निधियों के खेत और अनुप्रयोग
वर्ष 2005-06 के दौरान, स्का ने 359(88 करोड़ रुपए (राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रो. के
अंतरण का निवल) का राजस्व एकत्रित किया और 1 ,26 1 ,767 करोड़ रुपए का वाण लिया
भारत की स्रमेक्ति निधि में प्राप्त की गई बुल्ला निधियों, इस प्रकार, 1 (2 1 ,455 करोड़ रुपए
थीं। इसमें से हैं 1 है 1 1 5,2 1 0 करोड़ रुपए पिछले वाण को पुनअंदायगी करने के लिए उपयोग
में लाए गए और 506, 123 करोड़ रूपए सस्कच्चारो" के चालू कार्यक्लापॉ पर तो किए गए।
इसके (परिणामस्वरूप, भारत की समेक्ति निधि में 122 करोड़ रूपए की कमी हो गईं जिसे
स्का ने नकद शेष रने उधार लिया
निधियों के स्रोत और अनुप्रयोग
(करोड़ रुपए)
नं अनुप्रयोग
2005-06 2004-05 2005-06 2004-05
राजस्व 359.554 372.480 व्यय 506-4 23 465772
कर 270764 224798 योज्जा 141638 132792
करेत्तर 7.198 81715 योजनेत्तर 362485 *333,480
ऋणेतर पूजी 12(92 66367 व्याज अदायगी 137537 125334
अन्य स्रोत जै-26१(45 649.564 अन्य अनुप्रयोग १,११5,2१० 556769
नया वाण 1761-67 705789 वाण की पुनअंदाक्सी 1,115710 556769
आतांरेंक' 1:.4 587435 आत्तस्कि३ है 1-12 549, 1 57
बाह्म 42353 17854 बाह्म 5598 7, 1 02
रोकड़ आहरण द्वारा कमी (()14761 (72,341
लोक लेखे पर अधिशेष (()14.83 12612
ख्वा क्या ,62१ ,333 1,022(41 श्या क्या ,62१ ,333 १,022,०4न्द्र
पिछले वर्ष की तुलना में, स्का को प्राप्तियों में 3.4/०० की बृद्धि हुईं। सक्ल कर प्राप्तियों
में 20.203 को वृद्धि हुई। कर प्राप्तियों में 2003 की बृद्धि हुई जबकि र्कात्तर प्राप्तियों में 570
को कमी आईं। स्रस्कत्सी व्यय में ].7/०० की वृद्धि हुईं। अधिकांश वृद्धि राजस्व व्यय में हुई
( ९4.4/००) । पूँजीगत व्यय में पिछले वर्ष को अपेक्षा 4 1 .5/०० की कमी हुई। ऐसा इस कारण
से हुआ कि वर्ष के दौरान राष्टीय८ अल्प बचत निधि को प्रतिभूतियों की कोई पुनअंदायगी
नहीं की गईं थी जोकि वर्ष 2003-04 और वर्ष 2004-05 में क्रमश: 46711 क्लीड़ रुपए
और 32675 करोड़ रुपए श्री। योजना व्यय में 6.3/०० को वृद्धि हुई और योजनेता तो पिछले
वर्ष के समान लगभग स्थिर रहा ।
"'यहां दर्शाए गए वर्ष 2004-05 के योजनेत्तर व्यय में 1 .4. 1 999 से फूंर्व राष्ट्रपैय अल्प बचत निधि को जारी को गई भारत
सरकार को विशेष प्रतिभूतियों के मोचन पर व्यय किए गए 32(75 करोड़ रुपए शामिल नहीं है।

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लेखे एक नजर. में
महत्वपूर्ण लेखाकरण नीतियों
आव-ण्डे प्रदस्ता संगठन
इस पुस्तिका में उगे वित्तीय विवरण और लेखै प्रस्तुत किए गए हैं व भारत सस्कार और
अंडमान और निकोबार द्वीपसाड्डों, चडंगतृ, दादरा और नागर हवेली, दमन एवं दीव और
लक्षद्वीप संघ राज्य क्षेत्रो' से संबधित हैं। अन्य रनस्कप्ती संगठनों जैसे राज्य सस्कमों, अन्य संध
राज्य क्षेत्रो, सस्कप्ती स्व[मित्व वाले व्यवसायिक उद्यमों, स्वायत्तशासी निकायों आदि के लेखों
को शामिल नहीं किया क्या है।
लेते अनुच्छेद 1 5 1 ( 1 ) के अधीन सांविधानिक प्रावधानों के अनुसार तैयार किए गए हैं।
लेखों का स्वरूप और विषय-वस्तु
संविधान के अनुच्छेद 150 में "नियंत्रक तथा महालेखापरीक्षक के परामर्श पर राष्ट्रपति जिस
रूप में निर्धारित करें" स्का के लेखों का रख-रखाव करने का प्रावधान किया क्या है।
लेखों के स्वरूप और अंशों के निर्धारण संबंधी कार्यकारी शक्तियां कार्य का अमित
नियमावली के अधीन महालेखा नियंत्रक, विल ववालय को प्रत्यायोजित को गईं हैं। इन
शक्तियों का प्रयोग करते हुए स्रस्कत्सी लेखाकरण नियमावली, 1996 तैयार की गईं है जिसमें
रनस्कारी लेखाकरण के सामान्य सिद्धांत नि१र्शरित किए गए हैं।
रनस्कारी वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन किस प्रकार किया जाना है उसका निर्धारण भी
संविधान में किया क्या है। अनुच्छेद 266 के प्रावधानों के अनुसार, सभी स्रस्कत्सी राजरखों
जिनमें स्का द्वारा लिए गए र्क्स और उधम दी गई राशियों से होने वली आय शामिल
है, क्रो भारत को स्रमेक्ति निधि में जमा किया जाता है और सस्कार द्वारा प्राप्त की गईं अन्य
सभी धनराशियां लोक लेखे में जमा कर भी जाती हैं। सभी रनस्कप्टी व्यय भारत की समेक्ति
निधि रने ड्स किया जाता है।
अप्रत्याशित व्यय को पूस काने के लिए जिसे प्राधिकृत करना संसद से लंबित रखा जाता
है, स्का के पास अग्रदाय के रूप में एक आकस्मिवल्ता निधि रखी जाती है जिसमें 500
करोड़ रुपए की राशि जमा रहती है।
भारत की समेक्ति निधि में से धनराशियों का विनियोग अनुच्छेद 1 1 2 से 1 1 7 में समाविष्ट
संविधानिक प्रावधानों के अनुसार किया जाता है।
लेखाकरण का रोकड़ आधार
सत्कार के लेते रोक्स्ड॰ आधार पर रखे जाते हैं। राजस्वी. और व्ययों को उस अवधि में
ममता प्रशन की जाती है जिसमें वे वसूल अथवा अदा किए जाते हैं। इस अवधि के दौरान
सत्कार को देय या स्का द्वारा देय राशियों क्रो ममता प्रशन नहीं की जाती।

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लेखे एक नजर में
सस्करिपै लेखों में मुख्य रूप से निम्नलिखित को दर्ज किया जाता है:
(क) सस्करिपै रोक्स्ड॰ शेष में और उसमें से होने वले नक्वी प्रवाह का रख-रखाव भारतीय
रिजर्व जैक द्वारा किया जाता है,
(ख) सस्कस्टी देवताओं (लोक वाण और लोक लेखे पर लेनदेन) और वित्तीय परिसम्पत्तियों
(र्क्स और अग्रिम) का विवरण, और
( ग) बुच्छ नबल्दीतर लेनदेन जिर्मिकित निधि, अत्कस्मिक्ला निधि और लोक लेखे के बीच
अत३.॰ निधि अंतरण, वस्तु के रूप में बाहरी सहायता, हानियों को वदी खाते डालना
और पिछले क्नॉ" को अनुदान आदि में परिवर्तित करना) ।
वित्तीय विवरण और लेखे पारंपरिक लागत को परंपरा के अनुसार रखे जाते हैं। बाह्य ऋण
को ऋण का क्या काने के समय लागू विनिमय दर पर दर्शाया क्या है। इसी प्रकार से,
सस्करिगे वित्तीय निवेशों (ड़विवटियों और क्यो) क्रो उनके ऐतिहासिक मृल्यरें पर दर्शाया
जाता है। ऐसी परिसम्पत्तियों के मल्य की हानि के लिए कोई प्रावधान नहीं किया जाता ।
लेखाकरण का आधार रोबल्डर्यु होता है अत: भौतिक परिसम्पत्तियों को मृल्यह्यसित अथवा
परिशोधित नहीं किया जाता । भौतिक परिसम्पत्तियों के जीबन का अंत होने पर उनकी
हानियों अथवा वदी खाते डाले जाने को भी मान्य अथवा व्यक्ति नहीं किया जाता।
यहां प्रस्तुत किए गए वित्तीय विवरणों में उन सस्कारी कर्मचारियों के अधिवर्षित्ता लाभों से
संबंधित सस्करि को देयता शामिल नहीं है जौ मेशन३ की परिभाषित लाभ स्कोम के अंतर्गत
आत्ते है और उन्हें 'अस्पकै जने पर अदायगी' आधार पर अदायगी को जाती है।
लेखाकरण व्यय-धि
लेखों के लिए अप्रैल से मार्च का वार्षिक बजटीय चक्र अपनाया जाता है।
मुद्रा
लेखे भारतीय रुपए में रखे जाते हैं। विदेशी मुद्रा लिनिदेनों (प्राप्तियां और अदायगियां दोनों)
को भी लागू परिवर्तन दरों पर भारतीय रुपयों में दर्ज किया जाता है।
राजस्व और चु-जागत प्राप्तियां/व्यय
राजस्व प्राप्तियों में, परिसम्पत्तियों की बिक्री से होने वली प्राप्तियों को छोट्या सभी का
और कांतर प्राप्तियों क्रो शामिल किया जाता है।
राजस्व व्यय अनावर्ती स्वरूप के व्यय होते हैं और उन्हें राजस्व प्राप्तियों से मृव्ला काने को
अपेक्षा को जाती है। राज्य सस्करिरें और अन्य संगठनों के अंतरण अदायगियां जिनमें
प्राप्तकर्ता द्वारा परिसम्पत्ति सृजन के लिए निर्धारित अंतरण अदायगियां भी शामिल हैं को भी
है 0

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लेखे एक नजर. में
राजस्व व्यय के रूप में माना जाता है।
पूँजीगत प्राप्तियों में मुख्य रूप से सस्कस्यी परिसम्पत्तियों को बिक्री से हुई जाय शामिल होती
है जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सस्कारी इक्विटी के विनिवेश से हुईं आय भी
शामिल है।
पूँजीगत व्यय वे होते है जो सामग्री और स्थम्मी स्वरूप को ठोस परिसम्पत्तियों को यढ़ने के
उद्देश्य से किए जाते हैं। इनमें अचल परिसम्पत्तियों के अधिग्रहण, मशीनरी और उपस्कर तथा
सस्कारी इक्विटी निवेशों पर किया क्या व्यय शामिल होता है। स्का के ऋण प्रचालन को
भी पूँजीगत तो के रूप में माना जाता है।
विनिमय दा में घट-बढ़
विदेशी बस्तों को पारंपरिक विनिमय दर अति वाण के करार के समय प्रचलित विनिमय
दर पर दर्ज किया जाता है। इस प्रकार के क्यो" क्री गुनअंदनिगियों को भी पुनअंदस्यागे के
समय प्रचलित विनिमय दरों पर दर्ज किया जाता है। विनिमय दर में घट…बढ़ के कास्पा ब्राह्म
क्यो" पर आनि/लाभ को कर्ज को पूर्ण अदायगी के पश्चस्त "8680 … विविध सरकारी
लेखै" को व्यक्ति किया जाता है।
बम्हा सहायता
सहायता सामग्री, उपस्कर या अन्य आपूर्तियों के रूप में बाह्य सहायता क्रो भी इस पक्या को
सहायता के क्ला पर पहचान को जाती है और प्राप्तियों के रूप में दर्ज किया जाता है।
सस्कारी विभागों द्वारा उपयोग के लिए ऐसी सामग्री के आयटम' अथवा अन्य संगठनों को
सहायता अनुदान के रूप में संवितरण को राजस्व व्यय के रूप में दर्ज किया जाता है।
लेखों क्री संरचना
सस्कस्यी लेखे निम्नलिखित तीन भागों में रखे जाते हैं:-
1- भारत को समेविन्त निधि
सस्करि द्वारा आयका, अक्षय उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क, भू…रल्बास्व (का राजस्व) जैसे
कराधान से प्राप्त होने चार्ल समस्त राजस्व और रेलवे, डाक, पंरेवान आदि से प्राप्ति (कांतर
राजस्व) जैसे मकारी कयों से सस्करि को होने वली अन्य प्राप्तियों क्रो ससेक्ति निधि में
जमा का दिया जाता है। हसी प्रकार से, सस्करि द्वारा सार्वजनिक अधिसूचना द्वारा जारी करके
प्राप्त किए गए सभी क्यो) खजाना बिलों (अति-रिक वाण) और विदेशी सस्कारों व
अतर्राष्टीय.^ मुद्रा संस्थाओं से प्राप्त क्लोसे (बाह्य वाण) तथा स्का को फ्लो" को
पुनअंदत्यगी और उस पर उपज के रूप में प्राप्त सभी प्रकार की धनराशियों को भी इस निधि
में जमा का दिया जाता है। अतिरेक और बाह्य वाण की पुनअंदस्यागे और विभिन्न प्रयोजनों
है है

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लेखे एक नजर में
के लिए राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र को सस्कत्यों क्रो कर्ज जारी किए जाने अहित अपना कार्य करने
के लिए स्का द्वारा किए गए समस्त तो को इस निधि के नामे डाला जाता डै।
भारत को स्रमेविल्ल निधि संबंधी लिनिदेनों को 6…स्तरीय उत्क्रम ढचि वाले कयों एबं
कार्यक्रमों [जोकि अधिकाशत्त".॰ विकास के योजना शीर्ष के अनुरूप होते हैं और ऐसा न होने
पर संविधानिक और अन्य आवश्यकताओं से संबंधित होते हैं] में विभाजित कार्या…मकदृ
वर्गीकरण का उपयोग करते हुए निम्नानुसार वर्गीकृत किया जाता है:
: मुख्य शीर्ष - स्का के मुख्य कार्य का द्योतक है।
: उप मुख्य शीर्ष … सस्कार के उप…कार्य का द्योतक है।
: लघु शीर्ष … सरकार के कार्यक्रम का द्योतक है।
: उप शीर्ष - स्कोम का द्योतक है।
: व्योरेचार शीर्ष - उप स्कोम का द्योतक है और
: वस्तुगत शीर्ष … व्यय के उद्देश्य के लिए [जैसे स्नेतन, कर्यालय व्यय]
व्यय लनदेनों को 'योजना' या 'योजनेतरों व्यय और "स्वीक्ला' या 'प्रभारित' व्यय में भी
वर्गीकृत किया जाता है।
11- भारत क्री आकस्मिकता निधि
यह निधि अग्रदाय स्वरूप को होती है और उसे भारत के राष्ट्रपति के अधिकार में रखा जाता
है ताकि स्का अप्रत्याशित व्यय को संसद से उसे प्राथिक्वा कराए जाने को लबित" रखकर
पूरा का सकै। इस धनराशि का उपयोग प्रकृतिक आपदा से पीडित लोगों को तत्काल राहत
प्रदान किए जाने और साथ ही सख्या द्वारा किसी नईं जीति को लागू करने के निर्णय को
संसद रने इसका अनुमोदन लबित" रखते हुए कार्यान्वित करने के लिए भी किया जाता है।
ऐसे सभी मामलों में, संसद का अगला सत्र बुलाए जाने पर लालू विल वर्ष के दौरान
स्कीम/परियोजना पर किए जाने वले कुल व्यय क्रो दशति हुए एक विधेयक प्रस्तुत किया
जाता है। स्ररनद" द्वारा विधेयक को स्वीकृति प्रदान किए जाने के पश्वात, अष्कस्मिक्ला निधि
में रने पहले ही खर्च की जा चुकी धनराशि की संबंधित कत्यभिकदृ मुख्य शीर्ष आदि में
व्यय नामे डालकर भारत को समेकित निधि में प्रतिपूर्ति कर भी जाती है।
111- भारत का लोक लेखा
स्का द्वारा प्राप्त को जाने बाली समस्त सार्वजनिक धनराशि, उन धनराशियों से भिन्न उगे
भारत की स्रमेविन्त निधि में जमा को जानी होती हैं लोक लेखे के अंतर्गत लखाबद्ध की
जाती डै। लोक लेखै में जमा की जाने वली प्राप्तियों और इसमें रने किए जाने वाले
संवितरणों को संसद से स्वीबृन्त नहीं कराया जात्ता। इस लेखे के आस्ति प्राप्तियां मुख्य रूप
से क्चत प्रमाण-पगे को बिक्री, सामान्य भविष्य निधि और लोक भविष्य निधि में अशदग्लो३३,
स्का द्वारा प्राप्त की जाने वली प्रतिभूति जमाओँ और बयस्ना जमाओँ रने आती हैं। इन
है जो

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लेखे एक नजर. में
प्राप्तियों के सेकी में, स्का बैकर या न्यासी की भूमिका निभाती है और सक्सि/कार्य पूस
होने के बद धनराशि बापस करती है। लोक लेते में विभिन्न उचंत और पोषण शीर्ष भी
शामिल खोते हैं।
लोक लेखे संबंधी लिनिदेनों को प्राप्तियों और संवितरणों के रूप में दर्ज किया जाता है और
उन्हें निम्नलिखित ब्याफ्फ श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है:
::: अल्प बचत
: आरुक्षित्त निधियों
::: जमा और अग्रिम
::: उचंत और विविध
: प्रेषण
::: रोवल्डहुँ शेष
है 3

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लेखे एक नजर में
वित्तीय विवरण
वित्तीय स्थिति का विवरण
( करोड़ रुपए)
3१ मार्च, 7006 3१ मार्च, 2005
बताएं ((66(40 जै-68९587
-. लोक ऋण 1,484(01 1,336(49
1- अस्तस्कि' वाण 1,389,758 1,275,971
2- बाह्य ऋण 94743 60,878
जो आकस्मिक्ला निधि 500 50
. लोक लेखै पर देयताएं
(निवेशों/अग्निम का निवल) 381,539 352(88
1- आरक्षित निधियों 22(43 17,950
2- जमा और अग्रिम 83.16 71(90
3- अल्प बचते: भविष्य निधियां आदि 272380 263(48
यरिमयलियां ((66(40 जै-68९587
क. रोक्स्डहुँ और रोक्स्डकुं समकक्ष 85388 99348
1- रोकड़ शेष 65388 79748
2- अल्पावधि रोक्स्डहुँ निवेश 20(00 20(00
ख. अन्य वित्तीय परिसम्पत्तियों 365340
1- सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में इबिबटी निवेश 142,501 135(37
2- वल्जी त्था अग्रिम 23 13135 230,515
क. सन्यास-ध राज्य क्षेत्र 158(24 161,168
ख. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम 73(11 69,347
3. उचंत और विविध 166 288
ग. संचित घाटानंदृ 1,406(50 1723399
*पिछलं वर्षों के संचित घाटे और अधिशेष को दर्शाता है।
है 4

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लेखे एक नजर. में
प्रचालन विवरण
(करोड़ रुपए)
2005-06 2004-05
प्राप्तियां
राजस्व लेखा 4303940 376.874
कर राजस्व 271766 226563
कांता राजस्व 156,151 141946
सहायता अनुमान 3(23 2,562
अन्य प्राप्तियां ही (69 2,389
विनिवेश पर प्रीमियम 1 (58 2,328
अन्य 11 61
क्वा प्राप्तियां 432(09 37:60
व्यय
राजस्व लेखा 541637 455(74
समान्य सेवाएं 239,895 222(32
सामाजिक सेवाएं 3837) 30787
आर्थिक सेवाएं 187(26 141131
सहायता अनुमान 72337 55,321
फ्लोस्त' लेखा 49-4 55 48(94
सामान्य सेवाएं 32033 34(73
समाजिक सेवाएं 78 1 827
आर्थिक सेवाएं 13541 13,191
विविध 25(96 5.652
चक्का व्यय 635.688 509/4
पूर्व अधि समायोजन 1 72 1 3
घाटा आनी १83,35गृ (30(67
नीम: घटि क्रो वित्तीय स्थिति के विवरण में अग्रेनीत करके संचित घटि के रूप में दर्शाया
जाता है।
है 1,

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लेखे एक नजर में
प्राप्तियों और संवितरणों का विवरण
(करोड़ रुपए )
2005-06 2004-05
ख्वा 2,903 (7(03 (578(30 (78.330
भारत की स्रमेबिस्त निधि (1.706.684 ही ,१ 50.824
कर राजस्व 271-66 226,363
कांता राजस्व 156151 147,946
सहायता अनुदान और अंशदान 3(23 2,562
विविध पूँजीगत प्राप्तियां 1,581 4,424
लोक ऋण 176.362 705789
वल्जी तथा अग्निम 11(01 64740
भारत की आकस्मिकता निधि 450
लेक लेखा 430-69 427.506
अल्प बचतें, भविष्य निधि 291776 284,992
आरक्षित निधियों 36,715 27(74
जमा त्था अग्रिम 75398 101447
उचंत और विविध 6,552 13(68
पोषण 728 1,325
संवितरण 2-64 32,१ 64 (505(90
भारत को समेकित निधि जै"24(09 १,१05,602
सामान्य सेवाएं 239(95 222,832
समाजिक सेवाएं 38579 30787
आर्थिक सेवाएं 187(26 147,131
सहायता अनुमान और अंशदान 75,337 55,321
पूँजीगत परिव्यय 56119 53(54
ऋण की चुनअंजायगी 1,115,210 556769
वल्जी स्था अग्रिम 12393 40,108
भारत की आकस्मिकता निधि क्रो अंतरण 450
लेक लेखा 407755 400788
अल्प बचतें, भविष्य निधि 278,944 263793
आरक्षित निधियों 3 1(22 23774
जमा क्या अग्रिम 63(72 103,993
उचंत और विविध 32(85 9779
पोषण 532 449
संवितरणों-अधिक-जियत से अधिक प्राप्तियां क्या 72740
सारंभिकरोकड़शेष रोकड़ शेष 79748 (408
श्या रोकड़ शेष 65387 79748
है 6

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लेखे एक नजर. में
प्राप्तियां
स्का की प्राप्तियों को राजस्व प्राप्तियों और ऋणेतर पूँजीगत प्राप्तियों में वर्गीझ्व किया
जाता है। राजस्व प्राप्तियों में, कर राजस्व और र्कात्तर राजस्व शामिल हैं। वर्ष 2005 …06
के दौरान, कर राजस्व कुल सस्कत्सी ऋणेतर प्राप्तियों का लगभग 75- 1 7/०० था । शेष राजस्व
र्कात्तर राजस्वी (21.479, और ऋणेतर पूँजीगत प्राप्तियों (3.36/००) रने प्राप्त हुआ। संध
उत्पाद शुल्क स्का का सबसे बडा. राजस्व स्रोत वना रहा जिसका कुल रनस्कमी ऋणेतर
प्राप्तियों में लगभग एक चौथाई अंशदान रहा। ऋणेतर रनस्कजी प्राप्तियों के अन्य मुख्य
अंशशता निगम कर (2नु/००), शीया शुल्क ( 1390, आयका ( 1003) ब्याज (670) और
क्नॉ' की वसूली (3/००)है३।
भारत की रनमेक्ति निधि में प्राप्तियां (2005-7
सहायता अनुमान
१ /००
ऋणत्तेर षक्ति प्राप्तियां अन्य कांता राजस्व
304
लामाश.
7०/०
ब्याज प्राप्तियां
6 /०"
उत्पाद शुल्क
2 504
वर्ष 2005-2006 के लिए भारत स्का की बुल्ला प्राप्तियां [राज्यों को ह्रस्तातस्ति३ करों का
निवल] 359488 करोड़ रूपए थीं - इसमें पिछले वर्ष की तुलना में 12792 करोड़
रु [3.4/००] की कमी हुईं। यह कमी मुख्य रूप रने कम ब्याज प्राप्त होने के करण थी
उगे 3 1 (90 करोड़ रु. से 3070 घटकर 22(32 करोड़ रु. हो गईं। तथापि, कर राजस्व
2247) करोड़ रु. रने 2097, ख्वा 270764 क्लोड़ रु. हो क्या। स्का की अन्य
प्राप्तियाँ जिसमें मुख्य रूप रने क्नॉ' की वसूलियां, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में स्का
की शेयर पूँजी के विनिर्देश से जाय और ऐसे विनिस्नेशों पर प्राप्त प्रीमियम शामिल हैं भी
66367 क्लोड़ रु हैं क्म होकर 12726 करोड. रु. डो गई।
ऋणेतर प्राप्तियां
(क्लीड़ रुपए )
विवर'ण 2005-06 2004-05 बृद्धि
कर राजस्व 270764 224778 2070
करेत्तर राजस्व 77,198 8 1715 -5/००
अन्य प्राप्तियां 12726 66367 -82/००
कलजागोतरगाजियों ऋणेतर प्राप्तियां 359.688 372.480 शा
है 7

Page 20
लेखे एक नजर. में
कर राजस्व
कर राजस्व संग्रहण (कैद्वे को निवल) 2004-05 के 224598 करोड़ रु. से बढकर॰
2005-06 में 270764 क्लोड़ रु हो गया - ड्समॅ 45466 करोड़ रु [20/००] की वृद्धि
हुईं। मुख्य वृद्धियां रोया कर (60/००), निगम का (24/००), जाय कर (703) सीमा शुल्क
( 1295) और उत्पाद शुल्क ( 1290) में देखी गईं।
का राजस्व
(करोड़ रुपयों में)
विवरण 2005-06 2004-05
त्व ह्वा क्रो निवल त्व स्का कौ निवल सक्त
हस्ततिरितक्या हस्ततिस्ति का में
वर्ष प्रति
वर्ष वृद्धि
1. निगम का 101777 26(89 75,188 82(80 22591 60,289 2404
2. आय कर 52976 18,375 37(01 49758 14593 344865 7/००
3. ब्याज कर 13 13 50 50 …74/००
4. अनुषंगी लाभ कर 4,772 … 4,772 … … … …
5. व्यय का 31 (-)5 36 35 (-)5 40 1004
6. धन कर 250 51 199 145 49 96 1073
7. प्रतिभूति लेनदेन 2,559 … 2,559 … … … …
8. जैविक रोक्ख, लेनदेन 321 - 321 - - - -
9. सीमाशुल्क 65(67 18322 46(46 57(11 15,800 414811 1270
1) संघ उत्पाद शुल्क 1 1 1726 24,584 86(42 99,125 21(84 774241 1204
1 7.सेचा का 23(55 6,877 16,177 14700 4325 (075 6004
12- अन्य कर 478 (-)8 485 1(34 (-)42 1676 …54/००
13- संघ राज्य क्षेत्रो के कर 1,125 - 1135 819 819 3704
14- एतभी.१एपूयों को
अंतरित अधिभार (-)7,502 - (-)7502 (-)1564 (91564 -4/००
चु'लवरराजाव का राजस्व 364149 क्या 270(4 303(3 78,595 124(8 है":'
कोता राजस्व
स्का का र्कात्तर राजस्व मुख्यत: ब्याज प्राप्तियों, सार्वजनिक उद्यमों से लाभांश एबं लाभ
और विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करने के लिए २गुत्काग्रभार के रूप में प्रोब्बूम्हा होता है। र्कात्तर
राजस्व संग्रहण जोकि 2004-05 में 81715 करोड़ रु. था वह 2005-06 के दौरान घटका
7.198 करोड़ रु. हो क्या और इस प्रकार इसमें 4(17 करोड़ रु. [5/००] की माफ्लॉ कमी
हुई ।
नीनी ऋण हस्तांतरण' राज्य सस्कश्यो० से कद्र' को मुनअंदख्मी में चूक के समायोजन के करण है।
है 3